Etihasik kahaniyaan- ऐतिहासिक कहानी। Of Stories.
Etihasik kahaniyaan- ऐतिहासिक कहानी।
प्राचीन समय में बादशाह एक दूसरे की परीक्षा लिया करते थे एक बार फारस के बाद शाह ने अकबर को नीचा दिखाने के लिए एक शेर बनवाया और उसे एक पिंजरे में बंद करवा दिया। इस पिजड़े को उसने एक दूत के द्वारा बादशाह अकबर के पास भेजा और कहलवा दिया कि यदि उनके दरबार में कोई बुद्धिमान व्यक्ति है तो इस शेर को बिना पिजरा खोले ही निकाल दे ।
यदि ऐसा नहीं कर सके तो दिल्ली पर फारस के बाद शाह का अधिकार हो जाएगा ।
अकबर ने सारे दरबार में यह प्रश्न रखा कोई दरबारी इस समस्या का हल नहीं कर सका बीरबल उस समय वहां नहीं थे। बादशाह को बहुत चिंता हुई शान भी मिट्टी में मिल जाएगी और राज्य भी हाथ से चला जाएगा। उसी समय बीरबल पहुंचे बादशाह अकबर के सामने भी यही प्रश्न रखा ।
पहले तो बीरबल ने शेर को अच्छी तरह से देखा फिर एक गर्म लोहे की छड़ से उन्होंने थोड़ी देर में पहचान की किशेर मॉम का बना था किंतु धातु का मालूम पड़ता था इस बात को बीरबल ने पहचान लिया।
फारस का राजदूत बीरबल की चतुराई देखकर दंग रह गया और बादशाह अकबर बड़े प्रसन्न हुए।
प्राचीन समय में बादशाह एक दूसरे की परीक्षा लिया करते थे एक बार फारस के बाद शाह ने अकबर को नीचा दिखाने के लिए एक शेर बनवाया और उसे एक पिंजरे में बंद करवा दिया। इस पिजड़े को उसने एक दूत के द्वारा बादशाह अकबर के पास भेजा और कहलवा दिया कि यदि उनके दरबार में कोई बुद्धिमान व्यक्ति है तो इस शेर को बिना पिजरा खोले ही निकाल दे ।
यदि ऐसा नहीं कर सके तो दिल्ली पर फारस के बाद शाह का अधिकार हो जाएगा ।
अकबर ने सारे दरबार में यह प्रश्न रखा कोई दरबारी इस समस्या का हल नहीं कर सका बीरबल उस समय वहां नहीं थे। बादशाह को बहुत चिंता हुई शान भी मिट्टी में मिल जाएगी और राज्य भी हाथ से चला जाएगा। उसी समय बीरबल पहुंचे बादशाह अकबर के सामने भी यही प्रश्न रखा ।
पहले तो बीरबल ने शेर को अच्छी तरह से देखा फिर एक गर्म लोहे की छड़ से उन्होंने थोड़ी देर में पहचान की किशेर मॉम का बना था किंतु धातु का मालूम पड़ता था इस बात को बीरबल ने पहचान लिया।
फारस का राजदूत बीरबल की चतुराई देखकर दंग रह गया और बादशाह अकबर बड़े प्रसन्न हुए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें